टिप्पणी: इस प्रकरण में सरकारी प्राधिकरणों के समक्ष आधिकारिक प्रतिवेदनों का शोध, तैयारी और दाखिल किया जाना, तथा उसके बाद की न्यायिक कार्यवाही प्रीत सिरोही ने सेव इंडिया फ़ाउंडेशन के माध्यम से की है। इस कार्य को प्रोजेक्ट मातृभूमि के अंतर्गत सेवा न्याय उत्थान फ़ाउंडेशन और राष्ट्र ज्योति का समर्थन प्राप्त है, जिन्हें संजीव नेवर और स्वाति गोयल शर्मा चलाते हैं।
प्रकरण
सेव इंडिया फ़ाउंडेशन द्वारा दायर एक याचिका, जो मदीना मस्जिद, गली नं. 9, मैक्स वाली रोड, शालीमार बाग़ से संबंधित है, रोहिणी के जिला न्यायालय में सुनवाई के लिए ली गई।
दीवानी याचिका प्राप्त होने के बाद एमसीडी ने 20 अगस्त 2026 को निरीक्षण किया और कई तलों का अनधिकृत निर्माण, नगर निगम की भूमि पर निकले हुए हिस्से तथा अतिरिक्त दीवारें/स्तंभ दर्ज किए। इसके बाद एमसीडी ने डीएमसी अधिनियम की धारा 343/344(1) के अंतर्गत कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया।
मस्जिद प्रबंधन को 3 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। पुनः निरीक्षण के बाद एमसीडी ने दर्ज किया कि अनधिकृत निर्माण हटाया नहीं गया है, और 15 दिन के भीतर उसे हटाने का तर्कसंगत आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया कि ऐसा न होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी और उसका खर्च डीएमसी अधिनियम के अंतर्गत वसूला जाएगा।
23 सितंबर 2026 को मदीना मस्जिद के कुछ हिस्सों और उससे सटे ढाँचों का ध्वस्तीकरण किया गया।